खेलकूद

विद्यालयों तथा अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों में खेल-कूद को शिक्षा का एक आवश्यक अंग माना जाता है । खेलों से संबंधित अनेक प्रकार की प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाती हैं । हमारे विद्यालय में वार्षिक खेल समारोह होते हैं । हर दिन एक घंटी खेल का वादन होता है । खेल-प्रशिक्षक इस वादन में बच्चों को तरह-तरह के खेल खेलना सिखाते हैं । बच्चे उत्साहित होकर खेलते हैं तथा तनाव से मुक्त होकर पुन : पढ़ाई में ध्यान केंद्रित करते हैं । खेलों को शिक्षा का अनिवार्य अंग माना जाता है । इसे ध्यान में रखते हुए हमारे विद्यालय में खेलों पर पर्याप्त महत्त्व दिया जाता है । इस कड़ी का एक महत्त्वपूर्ण दिन है -हर वर्ष एक नियत समय पर होनेवाली खेल-कूद प्रतियोगिता । इस प्रतियोगिता को वार्षिक खेल के नाम से जाना जाता है । हमारे विद्यालय में वार्षिक खेल प्रतिवर्ष मार्च महीने के अंतिम सप्ताह में आयोजित होते हैं । विद्यालय में होनेवाले वार्षिक खेलों में विद्यालय का कोई भी विद्‌यार्थी भाग ले सकता है । इसके लिए उसे खेल-शिक्षक के पास जाकर अपने नाम की अर्जी देनी होती है । उसे बताना पड़ता है कि वह खेलों की किस प्रतियोगिता में भाग लेना चाहता है । यह कार्य दो महीने पूर्व ही पूरा हो जाता है । इस बीच सभी भागीदार खिलाड़ियों को संबंधित खेलों का गहन प्रशिक्षण दिया जाता है । प्रशिक्षण प्राप्त खिलाड़ी वार्षिक खेलों में कड़ी प्रतियोगिता करते हैं ।